आज दशहरा है
आज मंगलवार भी है
इससे शुभ घड़ी और क्या हो सकती हैं?
रावण के पुतले में समाहित बुराइयां
इसी शुभ मंगल घड़ी में दहन होती हैं
सतयुग के श्रीराम कहां मिलेंगे कलयुग में
वो मर्यादा पुरुषोत्तम राम कहाँ मिलेंगे कलयुग में
उनको तो सिर्फ़ दिल से महसूस किया जा सकता हैं
अपने भीतर ही देखा जा सकता हैं।