दनुज, गन्धर्व, सुर, नर, नाग पर उपकार करते हैं
अगर श्रद्धा से विष भी दो तो शिव स्वीकार करते हैं
उन्हें कंचन, रजत, पुखराज के भूषण नहीं भाते
चिता की भस्म से उज्जैन में श्रृंगार करते हैं
— त्रिशिका धरा