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तनु थदानी की अगजलें ,मेरी इज्जत नहीं रही जो, कमाना चला गया !

Tanu Thadani

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मेरी इज्जत नहीं रही जो, कमाना चला गया !
        
                                                    
                            
मेरे ही सामने से मेरा ,ज़माना चला गया !

पढ़ाई खूब कर ली, खूब सा पैसा भी आ गया ,
बुरा बस ये हुआ कि, रिश्ता, निभाना चला गया !

अभी भी प्रेम है होता मगर, इक ये कमी आयी,
किसी की याद में आंखों का, बिछाना चला गया !

परख के रह के, तय कर रहें, शादियां बच्चे,
बची जो रस्म थी वो मिलना, मिलाना चला गया !

विलय तो हो गया है धर्म का, जो राजनीति में,
कहें क्या साधूओं का धूनी, रमाना चला गया !
- तनु थदानी
एक घंटा पहले
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