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सदा ही ख़ुशियों का नाम रहे।

Swarna Ji

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            एक नन्हीं सी चिड़िया आए,
        
                                                    
                            
मीठे-मीठे गीत सुनाए।
जब भी हँसती स्वर्णा रानी,
घर में खुशियाँ बिखरा जाए।
तारों की झिलमिल छाँव में,
चंदा के प्यारे गाँव में,
खिलती सूरज की पहली किरण,
परी उतर आई इस आँगन में।
कागज़ की एक नाव बनाकर,
बारिश के पानी में चलाएँ,
नटखट-प्यारी बातों से,
बचपन की यादें फिर सजाएँ।
छोटा सा एक अरमान यही,
हर चेहरे पर मुस्कान रहे,
प्यार भरी इस दुनिया में,
सदा ही ख़ुशियों का नाम रहे।
एक महीने पहले
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