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साँसों में घुली प्रीत

Swarna Ji

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            भीगी-भीगी सी इन हवाओं में,
        
                                                    
                            
तेरा ही एक अहसास है।
दूर होकर भी तू हर पल,
जैसे मेरे दिल के पास है।
चंदा की शीतल किरणों में,
तेरी ही सूरत ढलती है।
जब-जब चलती है मद्धम पवन,
दिल में एक धड़कन मचलती है।
तेरी बातों की मीठी चाशनी,
कानों में शहद घोल जाती है।
तू मुस्कुरा दे जो एक नज़र,
तो पूरी दुनिया सवर जाती है।
स्वर्णा सी पावन इस प्रीत में,
हमने ख़ुद को भुला दिया।
तेरी एक छोटी सी झलक ने,
हर पल को ख़ास बना दिया।
ना दावों की कोई ज़रूरत है,
ना वादों की कोई बात है।
जब तक ये धड़कन चले मेरी,
बस तेरा और मेरा साथ है।
 
6 घंटे पहले
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