विज्ञापन

व्यापार तंत्र

Suryansh Reetma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अपने ही देश में,
        
                                                    
                            
अपने ही नागरिकों को,
अपने ही हक़ की लड़ाई में
अगर भूख हड़ताल के सहारे
मौत को न्योता देना पड़े,
तो समझ लेना—
सत्ता में सरकार नहीं,
व्यापार चल रहा है।
— सूर्यांश रीतमा
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3561 कविताएं

View Profile