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उसी से आशनाई हो।

Surya Kant

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तुम्हारा संग
        
                                                    
                            

तुम्हारा संग हो
बज़्म - ए -रंग हो।

न कोई गिला हो
न कोई शिकवा हो।

तेरी ज़ुस्तज़ू हो
दिल में न कोई
रंज हो,
न कोई .
मर्ज़ी-ए - तंज़ हो।
मुहब्बत-ए -दामन में
इबादत -ए -तन्हाई
के सिवा कुछ न हो।
हमारी ऐसी बस ऐसी
हौसला अफ़ज़ाई हो,
उसी की कायनात में
बस !और बस!
उसी से आशनाई हो।
-सूर्यकांत शर्मा
एक महीने पहले
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