मजाज़- ए -मुहब्बत
अल्फ़ाज़-ए- लुनाई
बढ़ती जा रही,
पैकर- ए -नज़्म अब
दुनिया -ए -बज़्म में
जलवा -ए -अफ़रोज़
होती जा रही,
अल्फ़ाज़- ए -लुनाई में अब
मजाज़- ए -मुहब्बत
बढ़ती जा रही।
-सूर्यकांत शर्मा