भारत के शहीदों ने कठिनाइयों को
हँसकर हमेशा स्वीकार किया !
माटी के लिए न झुकने का हुनर सीखा
न रुकने का विचार किया !
उनके जीने का ज़ज़्बा जुनूनों से भरा था
सदा ही प्यारे वतन के लिए !
सलाम तमाम वीरों को जिन्होंने
लहराता हुआ तिरंगा हमें उपहार दिया !
-सुरेंद्र कुमार "सूरज"