विज्ञापन

क्या लिखूं मैं आपके लिए " मां"

Sunita Dhidhariya

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            क्या लिखूं मैं आपके लिए " मां"
        
                                                    
                            
आपने तो मुझे लिखना सिखाया है ।
ये जिंदगी तो आपसे ही है " मां"
आप ही तो मुझे इस दुनियां में लेकर आई ।
बचपन में जब भी मैं लड़खड़ाती थी थामने मुझे आपके हाथ
फ़ौरन आ जाते थे।

कभी सारी रात जागकर आपने मुझे सुलाया
तो कभी पापा की डांट से मुझे बचाया।
कभी गुस्से में तो कभी प्यार से हमेशा आपने मुझे
समझाया , और मुझे समझती हैं,
जिंदगी जीने का सलीका भी तो आप ही ने मुझे
सिखाया है " मां"।
भूलकर अपने सारे दर्द और ग़म हमेशा हमें खुश किया है
जरा सी भी बीमार हो जाऊं मैं, तो आप कितना परेशान हो जाते हो।

जब भी कुछ समझ नहीं आता है तो
हमारी नजरें आप को ही ढूंढा करती हैं।
आपको एक नज़र देख लेने से ही सारी
परेशानियां दूर हो जाती हैं।
आप तो जगत जननी हैं "मां"
हमारे जीवन का आधार हो आप।
- सुनीता
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all