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जाने कब होगी वो भोर...

sumit gupta

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जन जन की एकहि अभिलाषा कब होगी वो भोर
        
                                                    
                            
जन जन की एकहि अभिलाषा कब होगी वो भोर
मिट जाएगा थम जाएगा मिट जाएगा थम जाएगा
मचा है ये जो शोर जाने कब होगी वो भोर......

समय चकित है खुद भी डरा है समय चकित है खुद भी डरा है
देख के ऐसा दौर
जाने कब होगी वो भोर जाने कब होगी वो भोर .....

एक अद्र्श्य दानव खड़ा है एक अद्र्श्य दानव खड़ा है
बनकर कोरोना मानव जाती से लड़ा है
घर में है घुसता बन कर के वो चोर
जाने कब होगी वो भोर जाने कब होगी वो भोर ....

घर में रहो बस साफ़ रहो तुम कर लो शपथ भूखा है जो भी
उसको पहुचायेंगे कौर
जाने कब होगी वो भोर जाने कब होगी वो भोर ...

शोक न कर और खौफ न कर तू शोक न कर और खौफ न कर तू
हरी पकडे है तेरी डोर हरी पकडे है तेरी डोर
जाने कब होगी वो भोर ......

सेवा में जैसे खुद खड़ा खुदा है
देख के तुझको भ्र्म में पड़ा है
चला न जाये कहीं और
जाने कब होगी वो भोर जाने कब होगी वो भोर ...

एक डोर बांधे हर भारतवासी को
टूटे ना ये छूटे भी ना टूटे ना ये छूटे भी ना
लगाओ मिलकर इतना जोर
वो आएगी जल्दी भोर वो आएगी जल्दी भोर
वो आएगी जल्दी भोर .........

सुमित गुप्ता
गांधीपुरम बरेली

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