मेरे पति को मेरी कद्र नहीं ,
उनको भी यही लगता होगा कि
मुझे उनकी कद्र नहीं ।
जोड़ियां उन्हीं की बननी चाहिए,
जिन्हें एक दूसरे की कद्र हो ।
शायद यह भी मन का एक भ्रम है ,
जो मिल जाता है उसकी
कद्र रहती कहां है?