बुलाए बिन ही तेरे लोग कम नहीं पहुंचे।
इसीलिए तेरी महफ़िल में हम नहीं पहुंचे।
चले भी आओ कि अब सांस थमने वाली है,
कहेंगे लोग अभी मोहतरम नहीं पहुंचे।
जहां तलक मेरे जीवन की उलझनें पहुंचीं,
वहां तलक तेरी ज़ुल्फ़ों के ख़म नहीं पहुंचे।
नहीं बुलाए गए हम तो कोई बात नहीं,
हमारे जैसे वहां लोग कम नहीं पहुंचे।
वहां पहुंचने की हसरत लिए हुए *बाहम,
यहीं से उनको कहा स्वागतम नहीं पहुंचे।