तारे जैसा बनना है ।
जिंदगी में ऊंँचाई पर चमकना है ।।
चढ़ जाना है उस मुकाम पर ,
जहां से तुम डगमगाओ ना ।
जहां से तुम वापस आ पाओ ना ,
तारे जैसा बनना है।
तारे जैसा बनना है तो सूरत सा जलना होगा ,
और जीवन में कुछ करना है ।
तो ठोकरो से तो गुजरना ही होगा ,
चमकना उस सा , जैसा वह तारा चमकता है ।
पर बनना वही जो तुम्हारा दिल कहता है ।
तारे जैसा बनना है।।
-मेघावी