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काला रंग, काला अक्षर

Sonakshi Rana

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            काला रंग, काला अक्षर
        
                                                    
                            

कोयले की खदान से निकले बच्चे,
काला रंग तो जानते हैं,
मगर काला अक्षर नहीं जानते,
वे भूख तो जानते हैं,
मगर भूख मिटाना नहीं जानते।

कोयले की खदान से निकले बच्चे,
सपने तो देख पाते हैं,
मगर सपने पूरे नहीं कर पाते,
कोयले की खदान से निकले बच्चे,
रोशनी बाँटते हैं,
मगर खुद अँधेरे में रह जाते हैं।

अंधेरा ही उनकी दुनिया है
वो रोशनी का मोल नहीं जानते।
सियासत उनके नाम पर होती है
पर वो अपना ही मोल नहीं जानते।
— सोनाक्षी राणा
एक महीने पहले
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