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भीषण गर्मी

sneha singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            शाखों से गिरते ये पत्ते
        
                                                    
                            
मौसम का हाल बताते हैं
बस रुको एक और पखवाड़ा
हम भीषण गर्मी लेके आते हैं

सूर्योदय के होते ही
जब किरणे धरती को चूमती है
जलने लगती है ये धरा
और सारी मनस्थिति घूमती है

मिलती नही कहीं छांव ओट
जिसके नीचे सब रुक जाएं
थोड़ा खालें पानी पी लें
थोड़ा तो काम से सुस्ताए

गर्मी की तपन से जब
जानवर और पंछी झुलसते हैं
तब याद आती है कि हम
प्रकृति के साथ गलत करते हैं

अगर सब मिलजुल कर
कम से कम एक वृक्ष लगा जाएं
तो शायद इस धरती का
थोड़ा सा तापमान कम कर पाएं।

-स्नेहा सिंह
2 वर्ष पहले
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