विज्ञापन

परिवर्तन

Skand Shukla

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            प्रेम-मैत्री के प्रतिमान -
        
                                                    
                            
अपेक्षा,
निश्छलता,
हास्य विनोद,
भावनाओं का सम्मान।

होने लगे जब इनका भान -
उपेक्षा,
छल,
व्यंग,
भावनाओं का अपमान;

हो सावधान,
समझ लो अवसान,
उस प्रीति का
जिस पर था गुमान।
2 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

dinesh chauhan

3544 कविताएं

View Profile

Saanvi Dubey

7 कविताएं

View Profile