तू आए या ना आए
देते रहेंगे तुझे सदाएं
अपनी कहानी बस इतनी है
तेरी जफाएं मेरी वफाएं
मुर्शिद ये तो चलता रहेगा
तू तो मेरा हाल न जाने
हम ही तुझको अपना माने
सदी सदी और जन्म जन्म तक
फेर ले चाहें मुझसे निगाहें
मुर्शिद ये तो चलता रहेगा
एक है तू और हम कितने हैं
सभी तो तुझ पर मर मिटने हैं
तेरी चाहत में जो डूबा
उठते उसपे 100 फितने हैं
मुर्शिद ये तो चलता रहेगा
आंखें मेरी नीर है तेरा
दिल है मेरा दर्द है तेरा
तू है जैसे उगता सूरज
मैं ही हूं घनघोर अंधेरा
मुर्शिद ये तो चलता रहेगा
मुर्शीद खुद में ही खोया है
बंदा रोया तो क्या रोया है
मुर्शिद का भी मुर्शिद है
तभी तो वह मुर्शिद होया है
मुर्शिद ये तो चलता रहेगा
खुशियों की एक तमन्ना है
गमों का एक समंदर है
मुर्शीद है और नहीं भी है
मुर्शिद मेरे ही अंदर है
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