सावन के महीने का शिव शम्भू से है नाता पुराना,
विषपान के बाद शिव के उग्र प्रभाव को जाना।
तब देवताओं ने दूध ,जल,रस का किया अभिषेक,
भोलेनाथ की जलन शांत हुई सब हुए हर्षातिरेक।
हर हिंदू करना चाहता शिवशंकर भोले का अभिषेक,
श्रावण माह अति प्रिय भोले को लगते सब अतिरेक।
मुख्य शिव मंदिरों में कांवड़ चढ़ाने की है परम्परा,
कावड़ियों की असीम भक्ति नीलकंठ की है महिमा।
शिव मंदिरों की सजावट अद्भुत छटा निराली,
जलाभिषेक करके भक्तों ने सारी खुशियाँ पाली।
बहुत शिव भक्त श्रावण माह में उपवास भी करते,
महादेव को प्रसन्न करने शिव शिव का जाप करते।
सीमा केडिया