कलम की गति और,
नारी की चाल।
इन दोनों को समझना,
मुश्किल मान।
अगर चल पड़ी कलम,
तो शासन हिला दे ।
नारी चल पड़े तो,
बड़ों बड़ों को झुका दे।
-सीमा केडिया