विज्ञापन

समय देकर तो देखो

Shriyansh Gupta

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            समय देकर तो देखो
        
                                                    
                            
शायद सब कुछ ठीक हो जाए
पुराने-कड़वे रिश्तों में
शायद थोड़ी-सी मिठास भर आए।
दुश्मनी की मशालों में आग
शायद थोड़ी कम हो जाए।
भटके हुए मुसाफिरों को
राह कोई सही मिल जाए।
समय देकर तो देखो
शायद सब कुछ ठीक हो जाए।
ज़िन्दगी में आई मुश्किलों का
शायद कोई हल मिल जाए।
पीढ़ियों के बीच बनी है जो खाई
शायद वो भी आसानी से भर जाए।
टूटे हुए दिलों को भी
शायद कोई मरहम मिल जाए।
समय देकर तो देखो
शायद सब कुछ ठीक हो जाए।
- श्रीयांश गुप्ता
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3561 कविताएं

View Profile