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दरमियां जो गुफ़्तगू थी

Shreyasi Satish

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दिल जीतने की कोशिशें नाकाम हो गईं,
        
                                                    
                            
दरमियां जो गुफ़्तगू थी सरेआम हो गई।

समझ न पाए वो, कभी मेरे जज़्बातों को,
दिल में कसक उठती रही, नींदें हराम हो गईं।
2 महीने पहले
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