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बहनें भी बहनों को बाँधें

Shreyasi Satish

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            प्रेम प्रगाढ़ करने आता पावन राखी का त्योहार,
        
                                                    
                            
माता-पिता बिन मायके में, भाई से मिलता प्यार।

रोली-अक्षत में समाहित होता आशीष बहनों का,
रेशम की डोरी से बंधकर, कलाई पर मुस्काए दुलार।

रक्षा का प्रतीक यह बंधन, बहनें भी बहनों को बाँधें,
मौन स्वरों में ही होता एक- दूजे से वादों का इकरार।

चारों ओर छाई है खुशियाँ, हर्षोल्लास भरा सावन,
दोनों माँगें दुआ यही कि, हंसता-गाता रहे घर-संसार।
एक महीने पहले
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