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सृजन के देव विश्वकर्मा

Shreya Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जहाँ कहीं निर्माण की गाथा, वहाँ आपका नाम है,
        
                                                    
                            
हर कण में बसते प्रभु, आपका ही धाम है।
औज़ारों की पूजा में, श्रम का सम्मान है,
हे विश्वकर्मा देव, आप ही सृजन की पहचान हैं।

पत्थर को आकार दिया, लोहे को जीवन दिया,
सूनी सी धरती को सुंदर सा आँगन दिया।
महलों की ऊँचाई हो या मंदिरों की शान,
आपकी कला से जग में फैली नई पहचान।

देवों के भी शिल्पकार, अद्भुत आपकी कला,
आपके आशीष से मिट जाए हर मुश्किल बला।
कर्म की राह दिखाकर, मेहनत का मान बढ़ाया,
हर कारीगर के हाथों में विश्वास जगाया।

हे विश्वकर्मा प्रभु, यही वरदान हमें देना,
मेहनत के दीप से जीवन को रोशन करना।
सच्चाई और लगन से हर कार्य सजाएँ हम,
आपकी कृपा से नित नई रचना बनाएँ हम।

जय-जय विश्वकर्मा देव महान,
आपसे ही जग का सुंदर निर्माण।
2 महीने पहले
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