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सावन का तीसरा सोमवार

Shreya Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सावन की भीगी सुबह है,
        
                                                    
                            
मन में शिव का नाम,
हर-हर महादेव गूँज रहा,
पावन हुआ धाम।

बेलपत्र की शीतल छाया,
जल की निर्मल धार,
भोले के चरणों में जाकर,
मिलता मन को प्यार।

तीसरे सोमवार की बेला,
मन में श्रद्धा जागी,
माथे पर चंदन सज आया,
आँखों में भक्ति लागी।

जिसके सिर पर हाथ हो भोले का,
उसका कौन बिगाड़े,
काँटों भरी राह में भी फिर,
शिव ही राह सँवारे।

माँगूँ न धन, न ऊँचा जीवन,
बस इतनी-सी आस-
हर पल शिव का नाम रहे और,मन में उनका वास।

हर हर महादेव की धुन में,
आज मन खो जाए,
सावन का ये तीसरा सोमवार,जीवन को शिवमय कर जाए।
2 महीने पहले
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