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सावन का पहला सोमवार

Shreya Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आज सावन का पहला सोमवार है,
        
                                                    
                            
भोले के दरबार में सजा प्यार है।
हर हर महादेव में ऐसी पुकार है,
जैसे हर धड़कन में शिव का विस्तार है।

बेलपत्र की खुशबू, गंगाजल की धार,
भक्ति में झूम उठे सारा संसार।
डमरू की गूँज से काँपे अंधकार,
ॐ नमः शिवाय करे जीवन साकार।

चंदन की रेखा, भस्म का श्रृंगार,
नीलकंठ का अद्भुत यह दिव्य आकार।
सर्पों का हार, जटाओं में गंगाधार,
भोले से सुंदर कहाँ कोई सरकार।

जो भी आया तेरे द्वार, खाली न गया,
आँसू लेकर आया, मुस्कान ले गया।
टूटा हुआ मन भी संबल ले गया,
शिव शिव जपते-जपते बदल गया।

न माँगो धन, न माँगो सम्मान,
दे दो बस भोले! निर्मल-सा मन।
संकट में भी न डगमगाए विश्वास,
हर श्वास बने महादेव का नाम।

सावन का पहला यह शुभ सोमवार,
बरसाओ कृपा, खोलो उद्धार के द्वार।
हर घर में गूँजे शिव का जयकार,
हर हर महादेव! हो जीवन का आधार।
2 महीने पहले
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