विज्ञापन

भोले, बस तुम साथ रहो

Shreya Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            भोले, बस तुम साथ रहो,
        
                                                    
                            
हर पल मेरे पास रहो।
मन के सूने आँगन में,
बनकर मधुर प्रकाश रहो।

डमरू की जब धुन बजती,
हर उलझन फिर दूर सजती।
तेरे चरणों की जो राहें,
हर काँटा भी फूल-सी लगती।

जटा से गंगा झर-झर बहती,
भक्ति की हर प्यास ये कहती।
तेरी कृपा की एक नज़र हो,
सूनी किस्मत भी फिर हँसती।

नीलकंठ हो, करुणा-सागर,
तुमसे सुंदर कौन सहारा।
टूटे मन को जोड़ने वाले,
तुम ही जीवन का उजियारा।

भस्म रचे तन, चंद्र सुहाना,
नाम तुम्हारा सबसे न्यारा।
हर-हर बोले धड़कन मेरी,
शंभू गाए मन बेचारा।

जब भी दुःख की धूप सताए,
तेरी छाया पास ही आए।
एक पुकार सुनो भोलेनाथ,
भक्त कभी खाली न जाए।

ना धन माँगूँ, ना ही माया,
बस चरणों की शीतल छाया।
जब तक साँसें साथ निभाएँ,
ॐ नमः शिवाय ही गाय ।
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3563 कविताएं

View Profile