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जब मिलेगी मंजिल

Shraddha Pandit

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जब मिलेगी मंजिल,,
        
                                                    
                            
हर कोई अपना होगा
मांगेगा मिठाई, हर कोई खुश होगा
सोचेंगे सभी क्या बना लू रिश्ता,
तब हम बेमतलब के याद किए जाएंगे
जो आज गिराने पर तुले हैं
उस दिन वो भी सलाह लेंगे।
जब मिलेगी मंजिल,,
हर कोई अपना कहेगा
जिसने कोसा सा था जी भर कर
तब वो बनावटी हसी से 'बेटा' कहेगा
पता था मुझे तुम कर तो लोगे ही
समाज के लोग हस कर कहेंगे
मोहब्बत की बाजी भी जीत ही लेंगे
मिल जाएगा सब कुछ जब हम कामयाब होंगे।
5 महीने पहले
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