विज्ञापन

बारिश का संगीत

Shraddha Bhatt

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मिट्टी की वो सोंधी खुशबू
        
                                                    
                            
जब हवा में घुलती है,
सुकून की एक नई खिड़की
ज़हन में खुलती है.....
बूंदों का गिरना जैसे
कोई सदियों पुरानी दुआ हो,
या तपती हुई रूह को
छूकर गुज़री कोई हवा हो.....
प्रकृति के पास हर मर्ज़ की
एक अनकही दवा है,
बस सुनने वाला चाहिए
कि पत्तों ने क्या कहा है....
शहर की कंक्रीट में हम
कुदरत को भूले हैं,
सुकून को छोड़कर,
तनाव की छाँव में बैठे हैं....
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all