जो रक्षक हैं देश के वीरों, उनको नमन हमारा ।
जो सरहद पर हुए शहीदों, उनको नमन हमारा ।।
चारों तरफ आतंकी घेरे ।
पग-पग पर थे मौत के डेरे ।।
बारूदों के बीच कदम थे ,
फिर भी नहीं डिगे थे तेरे ।।
देश के खातिर प्राण दिए तुम ,माँ का राज दुलारा ।
जो सरहद पर हुए शहिदों, उनको नमन हमारा ।।
खड़े-खड़े पर्वत पर काटी ।
राह कठिन थी दुर्गम घाटी ।।
बर्फानी थी रात तुफानी ,
फिर भी प्यारी थी यह माटी ।।
पड़े न ढ़ीले वार दिए तुम , अपना जीवन प्यारा ।
जो सरहद पर हुए शहीदों , उनको नमन हमारा ।।
धन्य वह माता-पिता तुम्हारे ।
धन्य गाँव वह देश है प्यारे ।।
जिनकी गलियों में खेले हो-
चले गए हो स्वर्ग सिधारे ।।
देश के खातिर जन्म लिए तुम ,लेना जन्म दुबारा ।
जो सरहद पर हुए शहिदों ,उनको नमन हमारा ।।
शोभनाथ सिहं यादव
एनटीपीसी सिंगरौली शक्तिनगर (उ0 प्र0)।
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