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ममता (इक तरफा प्यार

Anonymous User

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कभी दिल चाहता है आईना बन जाऊं मैं तेरा,
        
                                                    
                            
मुझे ही देख के खुद को निहारे तू,
मुझे ही देख के खुद को सवरे तू,
मुझे देख तू मुस्कुराएं भी,
मुझे ही देख के तू गुनगुनाए भी ।

कभी दिल चाहता है रास्ता बन जाऊं मैं तेरा,
तेरे नाजुक कदम चलते रहे मेरे बदन पर,
चरागो की तरह जलते रहे मेरे बदन पर,
गुलाबो की तरह खिलते रहे मेरे बदन पर,
महक घुल जाए तेरे जिस्म की मेरे बदन में,
नमक धूल जाए तेरे जिस्म का मेरे बदन में l

कभी दिल चाहता है प्यार हो जाए तुझे मुझसे,
तेरे दिल में मेरे अरमान भर आए,
तेरी आंखों में मेरे ख्वाब भर आए,
तू सोचे तो मुझको सोचे,
तू चाहे तो मुझेको चाहे,
तू मेरे वास्ते बेचैन हो जाए,
तड़प बन जाऊं में तेरी ,
तू मुझको ढूंढने निकले मगर पाए नहीं मुझको,
मैं तेरे दिल में छुपकर कही बैठा रहूं,
तुझे बेचैन होता देख हंसता रहूं,
कभी दिल चाहता है कि लपेट लुूं तेरे तेरे जिस्म को मेरे जिस्म से। 
एक वर्ष पहले
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kamal jha

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