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ये आज किस बात की कमी है

Shivani Writer

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ये आज किस बात से है दिल मेरा उदास,
        
                                                    
                            
ये आज किस बात की कमी है,
ये आज किस बात का गम मुझे है सता रहा,
ये आज किस बात की कमी है,
ये आज किस बात से गुमसुम सा है मेरा जहाँ,
ये आज किस बात की कमी है,

ये आज किस गम के साये ने,
मुझे एक बार फिर है गहरा,
ये आज किस बात की कमी है,
ये आज दिल किस ओर सफर को है निकला,
ये आज किस बात की कमी है

ये आज किस बात का सन्नाटा मेरे शहर में,
ये आज किस बात की कमी है,
ये किस बात का शोर मचा है दिल में,
ये आज किस बात की कमी है,
ये आज किस बात ने मुझे,
फिर एक बार परेशान किया है,
ये आज किस बात की कमी है,

ये आज किस बात ने मुझे फिर रुला दिया है,
ये आज किस बात की कमी है,
ये आज किस बात का गम मुझे है जो सता रहा है,
ये आज किस बात से है आज मेरा दिल उदास
एक वर्ष पहले
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