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कोई  चारासाज़ रखो जो ग़म-गुसार हो ले

Shelendra Shukla

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                            उम्र के आखिर में दोस्त संभाल रखना
        
                                                    
                            
  यादों के कारवां में जो ग़म-ख़्वार हो ले

नासेह बहुत मिलेंगे " हलदौना " इस दौरे दुनिया में
कोई  चारासाज़ रखो जो ग़म-गुसार हो ले

     शैलेंद्र शुक्ला" हलदौना "

ग़म-ख़्वार~ दुख दर्द बांटने वाले,
                बात को सुनने वाले ,
 नासेह ~ सिर्फ सलाह और एडवाइस देने वाले
चारासाज ~ मुसीबत में साथ देने वाले
हैं दोस्त नासेह
ग़म-गुसार ~दुख दर्द बांटने वाले,
                बात को सुनने वाले ,
2 महीने पहले
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