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पहला कदम ज़रूरी है...

शिवम् यादव

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तट पर बैठे रहने से, तकदीर कहाँ जग पाएगी,
        
                                                    
                            
लहरों को बस गिनने से, यह नाव पार ना जाएगी।
गर चाहता है मंज़िल पाना, तो डर को आज हराना होगा,
तुझको खुद ही हिम्मत करके, उस गहरे जल में जाना होगा।
माना पानी बहुत है गहरा, और लहरें तूफानी हैं,
इन लहरों से टकराने की, लिखनी नई कहानी है...
चाहे कितना भी मुश्किल हो, पहला कदम बढ़ाना है,
डर के आगे जीत खड़ी है, उसको पार लगाना है...
अगर हाथ खाली रह जाएँ, तो मन निराश मत करना तुम,
हार मानकर बीच भंवर में, कभी उदास मत रहना तुम...
समझ लेना कि डुबकी तेरी, अभी तलक अधूरी है,
मंज़िल तक गर पहुँचना है, तो पूरी जान ज़रूरी है...
बैठ किनारे सोचने वाले, अक्सर खाली रह जाते हैं,
जो डूबने का डर छोड़ें, वो मोती चुन कर लाते हैं...
कठिनाई से मत घबराना, यह तो बस एक परीक्षा है,
सच्ची लगन से चलने वालों की, होती रोज़ समीक्षा है...
उठो और संकल्प करो तुम, अब न पीछे जाना है,
अपनी मेहनत के दम पर ही, अपना नाम सजाना है...
पहला कदम बढ़ा कर देखो, रास्ते खुद बन जाएंगे,
सागर के उस गहरे तल से, मोती तुम चुन लाएंगे...
— हिमांश 
2 महीने पहले
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