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अनावश्यक उम्मीदें मत पालिए

SHASHI BHUSHAN

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अनावश्यक उम्मीदें मत पालिए,
        
                                                    
                            
अपनी जिम्मेवारियां संभालिएl

बोझ क्यों होना किसी पर खामखां,
विवादों को वक्त़ रहते टालिएl

हर किसी के दायरे सीमित यहां,
देखकर सिक्का ज़रा उछालिएl

टूट जाये दिल तो दुखता उम्र भर,
समझकर अरमान मन में डालिएl

परिस्थितियों के सदा अनुरूप ही,
कीजिए कोशिश स्वयं को ढालिएl

कठिन हालातों में रखें धैर्य मन में,
अपनी क्षमता को पुनः खंगालिए l

फूंककर रखना कदम 'गुंजन' हमेशा,
उलझने की ताक में हैं सवालिये।
--शशि भूषण मिश्र 'गुंजन'
3 घंटे पहले
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