समोसा चाट
छिड़क कर शब्दों का मसाला
और नजरिये की चटनी
लपेट कर अपने अनुभवों के लिफाफे में
तुझे बाटूंगा और बेचूंगा मैं, ऐ ज़िंदगी!
वैसे ही जैसे कि
कोई हलवाई देता है समोसे की चाट!
मैं नहीं जानता कि
मैंने तुझमें या तूने मुझमें
भरे हैं ये जज़्बात आलू से
और तला है उनको
हालात की कढ़ाई में
पर लगता है ऐसा मुझे कि
जैसे हम दोनों का यह मिश्रण
अच्छा जम गया है
जो कुछ भी हो अटपटा सा
कुछ चटपटा सा बन गया है
अब मैं बेचूंगा और बाटूंगा तुझे
ताकि लोगों की जुबां पर
चढ़ जाये तेरा स्वाद
और बना रहे अपना साथ
हमेशा... हमेशा के लिए!
शशांक
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