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ख़ामोश रात ने तेरा ज़िक्र बार-बार कर दिया।

शास्त्री जगमोहन रमण

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आज फिर तेरी याद ने दिल को बेकरार कर दिया,
        
                                                    
                            
ख़ामोश रात ने तेरा ज़िक्र बार-बार कर दिया।

हमने तो समझा था वक़्त भुला देगा तुझे,
मगर तेरे नाम ने हर ज़ख़्म को फिर से गुलज़ार कर दिया।
एक महीने पहले
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