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चिड़िया रानी का संदेश

Şhahnawaz Pahat

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सुबह -सवेरे इक चिड़िया आती घर के द्वार पे,
        
                                                    
                            
मधुर -मधुर संगीत सुनाती, चीं चीं चीं वो प्यार से।
चीं चीं चीं चीं करके तुमको ये बतलाना है,
उठो बच्चों सुबह हो गई, स्कूल तुम्हे अब जाना है।

चिड़िया की चीं चीं चीं चीं से खुलती हैं मेरी आँखें,
उड़ जाती है फुर्र से फिर हमको ये बतलाके।
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सुबह सवेरे जो उठते हैं, जग में सफ़ल वो होते हैं,
देरी से उठने वाले जीवन भर फ़िर रोते हैं।
करो इरादा सुबह उठने का, सफ़ल जीवन में होना है,
देर सवेरे सोना है, सफ़लता को खोना है, जीवन भर फ़िर रोना है।
-अश्क़ फतेहपुरी
2 महीने पहले
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