अहसान की बात करते हो
जो बार-बार गिना रहे हो,
मोहब्बत को भी तुमने अहसान का नाम दे दिया,
शब्दों से रिश्ते नहीं निभते, ये याद रखना,
मोहब्बत को आज तुमने बदनाम कर दिया।
जो रिश्ता खामोशी के साथ निभाते रहे हम उम्रभर,
एक ही पल में तुमने उसे पराया कर दिया।
-शाहाना परवीन 'शान'