इस शब्द का आज सही अर्थ बताते हैं ,
जिस घर में हो मां उस घर को सजाते हैं।
जन्नत मां के कदमों में आकर चूम लो कदमों को,
मां ही वो माया जिसने जन्म दिया ममता को।
संतान की खातिर खुद को मिटा देती है,
मां ऐसी है जो संतान को जन्म देती है।
मां की ममता को परिभाषित करना बहुत कठिन,
यह स्नेह वो है जिसे बखान करना बहुत कठिन।
भगवान से भी बड़ा स्थान दिया जाता मां को,
जो रात भर जागकर स्तनपान कराती शिशु को।
नहलाती और गन्दगी साफ कर
स्वस्थ बनाती शिशु को।
खुद गीले में सोकर मां बच्चे को सूखे में सुलाती है,
इस ममता को क्या नाम दें ये ममता "मां की ममता" कहलाती है।
-शाहाना परवीन 'शान'