मत कर मनमानी
मत बन अहंकारी
एक दिन सब कुछ यहीं रह जाएगा,
साथ जाएँगे तो केवल
मनुष्य के कर्म और उसकी पहचान।
कम से कम कर्मों को इतना अच्छा करो
कि मरने के बाद जब शमशान तक जाओ
तो लोग कहें 'आदमी अच्छा था'
-शाहाना परवीन 'शान'