ये न समझो डराने से डर जाएंगे
तुम न सुधरे तो हम भी बिगड़ जाएंगे ।।
जुल्म शिक्षाओं पे तुमने ज्यादा किया
तोड़ सीमा सड़क पे उतर जाएंगे ।।
तुमने वादा खिलाफी जो हमसे किया
हम भी वादे से अपने मुकर जाएंगे ।।
अपनी ताकत न हमपे यूँ अजमाओ जी
हम जहर हैं लहू में उतर जाएंगे ।।
स्वरा कब तक गुलामी यूं करते रहें
खुद ही नजरो से अपनी उतर जाएंगे ।।
जोर जितना लगाना लगाते रहो
पूरी शर्त किए हम न घर जाएंगे।।
- स्वराक्षी स्वरा