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लस्सी हो तुम

Saurav Rhythm

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मुलायम , ठंडी और मीठी हो तुम
        
                                                    
                            
कैसे बताए एकदम लस्सी हो तुम
खुशबू में घुली मन में बसी
जैसे अमृत की चुस्की हो तुम

मलाई की परत , कोमल सा रूप
भीतर से ठंडी , सुकून से भरी
गिलास में सजकर जब आती हो तुम
कैसे बताए एकदम लस्सी हो तुम

मिट्टी की मटकी , स्वाद में खास
हर घूंट में जैसे ताजगी का एहसास
सौरव के दिल में कब से अटकी हो तुम
कैसे बताए एकदम लस्सी हो तुम
9 महीने पहले
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