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प्यार के डगर पर चलो

SATYENDRA KUMAR

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जाति पांति से बाहर निकलो
        
                                                    
                            
दंगा फसाद से बाहर निकलो
भेदभाव से बाहर निकलो
समानता के राह पर चलो
सदा प्यार के डगर पर चलो
तब यह धरा स्वर्ग बन जाए
अंबर अवनी से हाथ मिलाए
सबके चेहरों पर खुशी जाए।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक महीने पहले
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