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बरस बादल! बरस

SATYENDRA KUMAR

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बरस बादल! बरस
        
                                                    
                            
झम झम के बरस
थम थम के बरस
झूम झूम के बरस
घूम घूम के बरस
बरसा अमृत की धार
बरसा अंबर से प्यार
भींगा सारा संसार
दिखा अपना प्यार
हरष हरष के बरस
बरस बादल! बरस।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक महीने पहले
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