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अब और न खून की नदियां बहाओ

Satyapal Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अब और न खून की नदियां बहाओ ।
        
                                                    
                            
आसमां वाले का कुछ खौफ खाओ ।।

कब तलक चलोगे गैरो की बताई राह पर ।
अपनी जिंदगी के खुद रहनुमा बन जाओ ।।

पडे है कदम जिन राहों पर तुम्हारे ।
खत्म होती है अंधेरी गुफाओं में, लौट आओ ।।

खेल, जो तुम खेल रहे हो, खतरनाक है ।
इसमें जीत कर भी हार है समझ जाओ ।।
-सत्यपाल सिंह
4 महीने पहले
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