जहां पुरवइया के झोंके मां के केश संवारते हैं
जहां हिन्द महासागर जननी के पाँव पखारते हैं
जहां केसरिया, हरा मिलकर नया संदेश देते
और जहां ईद व होली साथ मिलकर मनाए जाते
वो देश सच में महान है, जिसे दुनिया कहती हिंदुस्तान है
जहां रमजान में राम और दिवाली में अली आते हैं
जहां अजान के साथ आरती भी गायी जाती है
जहां वतन की रक्षा के लिए मजहब नहीं देखा जाता
और तिरंगे में लिपटा जवान मरके भी अमर हो जाता
वो देश सच में महान है, जिसे पूजता सारा जहाँ हैं
जिस देश की रखवाली खुद हिमालय करते हैं
जहां गंगा और यमुना जन जन का भाग्य संवारती है
जिसे दुनिया अपना गुरु मानती है
और जहां सरगम के सुर पर फूलों की पत्तियां भी गुनगुनाती है
वो देश सच में सोने की चिड़िया है
जिसे दुनिया कहती इंडिया है
पुण्य भूमि, इस धरती की गजब बहार है
देवता भी आकर यहां लेते अवतार है
जहां जननी या जन्मभूमि भी स्वर्ग से बढ़कर होती है
और जहां भारत मां की रक्षा खातिर
हर माँ अपने लाल की कुर्बानी देती है
जहां सिंदूर मिटाने वालों की
ऑपरेशन सिंदूर से मिटती पहचान है
वो देश सच में महान है, जिसे दुनिया कहती हिंदुस्तान है।