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चाँद से भी हसीन तुम

Sarthak Piyush

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तुम रात का चमकता चाँद हो,
        
                                                    
                            
मेरे दिल का सुकून और अरमान हो।
जब भी देखता हूँ आसमां की ओर,
मुझे दिखती बस तुम्हारी ही मुस्कान हो।

चाँद की रोशनी में जो शीतलता है,
वह तुम्हारी बातों की सादगी में ढलता है।
दाग हैं चाँद में तो जमाने के लिए,
पर मेरा दिल तुम्हारी कमियों पर भी मरता है।

उसकी चमक तो बस रात भर की है,
तुम्हारी मौजूदगी से मेरी हर सुबह निखरी है।
वह दूर रहकर भी रौशन करता है जहाँ,
पर तुम पास रहकर मेरी दुनिया बदलती हो यहाँ।

चाँद शर्मा जाए देखकर रूप तुम्हारा,
तुमसे ही तो रोशन है मेरा ये जग सारा।
सिल्वर की चादर ओढ़े जब तुम आती हो,
मेरे दिल के समंदर में लहरें उठाती हो।

वह तो घटता-बढ़ता रहता है सदा,
पर मेरा प्यार रहेगा एक सा हर दफा।
अमावस की रात में भी जो तुम मुस्कुरा दो,
तो ऑंधेरी जिंदगी में भी दीये जल उठते हैं सौ।

तुमसे ही शुरू और तुमपे ही खत्म ये सफर,
तुम्हारे बिना अधूरा है मेरा ये रहगुजर।
तुम मेरा वो ख्वाब हो जो सच हो गया,
तुम्हारी जुल्फों के साए में ये दिल खो गया।

बस यही दुआ है कि ये साथ न छूटे कभी,
चाँद तारों की गवाही में ये रस्म न टूटे कभी।

चाँद भले ही आसमान की शोभा है,
पर मेरे लिए मेरी दुनिया की वजह तुम हो।
उसकी रोशनी रात को सजाती है,
और मेरी हर सुबह की पहली किरण तुम हो।

-: सार्थक पियुष सिंह
2 महीने पहले
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