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एक एहसास

Sarthak Piyush

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            गुजार दिए होंगे तुमने, कई दिन, महीने, साल।
        
                                                    
                            
हमें भुला ना सकोगे वो सब याद हूँ मैं।

की होगी गुफ्तगू तुमने कई दफा कई लोगों से,
दिल पर जो लगेगी वो एक बात हूँ मैं।

नींद में जब तन्हा, खुद को तुम पाओगे,
अपने पन का एहसास जो करा दे।
वो एक एहसास हूँ मैं।

बिताये होंगे तुमने कई हसीन पल सबके साथ में,
हमें भुला नहीं पाओगे, वो एक याद हूँ मैं।

खो जाओगे जब तुम दुनिया की इस भीड़ में,
सुकून का जो झोंका बनके आए, वो हवा हूँ मैं।

भले ही फासले आ जाएं हमारे दरमियाँ,
जो धड़कन बनकर धड़के, वो अनकहा जज्बात हूँ मैं।

हर दुआ में जिसे मांगोगे तुम साथ मेरा,
जिंदगी भर का जो वादा निभाए, वो साथ हूँ मैं।

कभी खामोशी में मेरा जिक्र हो जाए,
कभी किसी पल मेरी फिक्र हो जाए।
दूर रहकर भी जो दिल के करीब रहे,
वो रिश्ता हमारा उम्र भर का एहसास हो जाए।

कुछ रिश्ते नाम के मोहताज नहीं होते,
बस दिल में रहते हैं और उम्र भर एहसास होते हैं।

-: सार्थक पियुष सिंह
2 महीने पहले
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