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रिश्तों की उलझन

Santosh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जाने कैसे रिश्ते हैं अचानक से थम जाते हैं
        
                                                    
                            
सब कुछ ठीक होकर भी एक दम से बदल जाते हैं

इतना वक्त करीब होकर फिर अजनबी बन जाते हैं
सब कुछ समझ कर भी नासमझ से नज़र आते हैं

सब कुछ कह कर फिर ख़ामोश से हो जाते हैं
उम्र भर का वादा कर के एक तरफा बन जाते हैं

जाने कैसे रिश्ते हैं अचानक से थम जाते हैं
सब कुछ ठीक हो कर भी एक दम से बदल जाते हैं


 
4 घंटे पहले
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Deepak Sharma

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